उत्तराखंड

देहरादून में लेखक गांव से गूंजा वैश्विक सद्भाव का संदेश, 65 देशों के लोग जुटे

देहरादून/तहलका न्यूज़18

देहरादून, गढ़ संवेदना न्यूज। वर्तमान समय में विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे युद्ध और संघर्षों के कारण उत्पन्न अस्थिरता, तनाव एवं वैश्विक अशांति के बीच विश्व शांति, मानवीय मूल्यों और “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लेखक गाँव, सृजनी ग्लोबल एवं VHSS वैश्विक हिन्दीशाला संस्थान (यूरोप) के संयुक्त तत्वावधान में “एक शाम : विश्व शांति के नाम” शीर्षक से एक भव्य ऑनलाइन अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया।
यह संगोष्ठी लेखक गाँव के “वेद एवं विश्व शांति अभियान” के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य वर्तमान युद्धग्रस्त परिस्थितियों में संवाद, साहित्य और सृजनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से शांति का मार्ग प्रशस्त करना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, भारत सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं लेखक गाँव के संस्थापक डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने की। कार्यक्रम का संरक्षण विदुषी निशंक (निदेशक, लेखक गाँव) द्वारा किया गया तथा इसका कुशल संयोजन जर्मनी से डॉ. शिप्रा शिल्पी सक्सेना (संस्थापक: सृजनी एवं VHSS यूरोप) ने किया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. निशंक ने कहा कि आज जब विश्व के कई हिस्सों में युद्ध के कारण अशांति और उथल-पुथल का वातावरण है, तब “विश्व शांति” की अवधारणा और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती है। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक धरोहर “वसुधैव कुटुंबकम” का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत सदैव से विश्व को एक परिवार मानने की प्रेरणा देता रहा है और वर्तमान समय में पूरा विश्व आशा के साथ भारत की ओर देख रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि शब्दों में अपार शक्ति निहित होती है—“शब्द ब्रह्म” है। एक सकारात्मक और सार्थक शब्द भी समाज और विश्व में परिवर्तन की दिशा तय कर सकता है। साहित्यकारों और रचनाकारों की यह जिम्मेदारी है कि वे अपने सृजन के माध्यम से शांति, सह-अस्तित्व और मानवीय संवेदनाओं को सशक्त करें।

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