लालढांग–चिल्लरखाल रोड पर उच्चतम न्यायालय का ऐतिहासिक निर्णय, 18 गाँवों को मिलेगी ऑल वेदर कनेक्टिविटी
देहरादून/तहलका न्यूज़18
देहरादून/कोटद्वार | बहुप्रतीक्षित लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने इस सड़क निर्माण पर लगी रोक को हटा दी है. सुनवाई के दौरान गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने इंटरवेंशन एप्लीकेशन दायर कर पक्ष रखा. जबकि, नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज ने उनके वकील के रूप में अदालत में प्रभावी पैरवी की. अदालत के सकारात्मक आदेश के बाद अब लंबे समय से अटकी इस परियोजना का रास्ता साफ हो गया है.
T. N. Godavarman Vs Union of India वाद में, जिसके अंतर्गत लालढांग–चिल्लरखाल रोड का विषय उच्चतम न्यायालय में वर्षों से विचाराधीन था, आज दिनांक 12 फ़रवरी 2026 को महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक निर्णय पारित हुआ है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस सड़क के पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण की अनुमति प्रदान किए जाने के साथ ही क्षेत्र के विकास का मार्ग पूर्ण रूप से प्रशस्त हो गया है।
लगभग 11.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क में से 4.7 किलोमीटर का हिस्सा सेंट्रल फॉरेस्ट एरिया से होकर गुजरता है, जिसके कारण निर्माण कार्य लंबे समय से लंबित था। न्यायालय के इस सकारात्मक आदेश के बाद अब लगभग 18 गाँवों और 40,000 से अधिक की आबादी को ऑल वेदर रोड कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। यह निर्णय क्षेत्र की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक प्रगति के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा।
