पहाड़ की रसोई से बाजार तक पहुंची महिलाओं की मेहनत, सरस फूड फेस्टिवल ग्रामीण महिलाओं के लिए बना बड़ा बाजार
देहरादून/तहलका न्यूज़18
देहरादून: राजधानी देहरादून में चल रहा सरस फूड फेस्टिवल 2026 इस बार उत्तराखंड के गांवों की खुशबू और पहाड़ी स्वाद को एक बड़े बाजार से जोड़ने का सशक्त मंच बन गया है। 5 से 11 अक्टूबर तक चलने वाले सरस फूड फेस्टिवल में 200 से अधिक स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन्हीं स्टॉलों में उत्तरकाशी जिले के मोरी क्षेत्र से आई जय मातृ शक्ति स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपने पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों के जरिए लोगों का ध्यान खींच रही हैं।
आत्मनिर्भर क्लस्टर लेवल फेडरेशन से जुड़ी महिलाएं अपने हाथों से तैयार किए गए पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों को देहरादून के बाजार तक पहुंचा रही हैं। उनके स्टॉल पर पतियुड के पकौड़े, सिद्दू, सेलू, उड़द की दाल के पकौड़े जैसे पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। पहाड़ के इन पारंपरिक स्वादों को शहरवासियों और फेस्टिवल में आने वाले राहगीरों की खूब सराहना मिल रही है।
मोरी की सेब चटनी ने खींचा लोगों का ध्यान
उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र की खास पहचान बन चुकी सेब की चटनी भी सरस फूड फेस्टिवल में लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। गांव की महिलाओं द्वारा हाथ से तैयार की जा रही सेब की चटनी अपने अनोखे स्वाद के कारण लोगों को खूब पसंद आ रही है।
महिलाओं के मुताबिक गांव में तैयार होने वाली सेब की चटनी करीब 300 रुपये प्रति किलो तक बेची जा रही है। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने स्थानीय उत्पाद से सीधे आय अर्जित करने का अवसर मिल रहा है।
